नेटवर्क में समस्या के कारण Binance ने रोकी Polygon ट्रांजैक्शंस


एक्सचेंज ने इस समस्या को दूर करने के लिए Polygon की टीम के साथ काम करने का दावा किया है

खास बातें

  • Polygon का नेटवर्क तीन लेयर में बना है
  • इनमें से प्रत्येक का अलग कार्य है
  • Binance को हाल ही में बहरीन में क्रिप्टो सर्विस का लाइसेंस मिला है

क्रिप्टो प्लेटफॉर्म Polygon में नेटवर्क की समस्या आने की रिपोर्ट है. इस वजह से क्रिप्टो एक्सचेंज Binance ने इस प्लेटफॉर्म से सभी ट्रांजैक्शंस को अस्थायी तौर पर रोक दिया है. Binance की वेबसाइट पर बताया गया है कि Polygon नेटवर्क के लिए डिपॉजिट और विड्रॉल को रोका गया है. हालांकि, इसके लिए कोई कारण नहीं बताया गया. एक्सचेंज ने इस समस्या को दूर करने के लिए Polygon की टीम के साथ काम करने का दावा किया है. 

हालांकि, Polygon का कहना है कि उसका नेटवर्क ठीक काम कर रहा है. उसके साथ ही उसने बताया कि Binance अपने नोड्स को अपग्रेड कर रहा है और इसके लिए ब्लॉक डेटा को सिंक किया जा रहा है. इस वजह से एक्सचेंज ने डिपॉजिट और विड्रॉल को रोका है. इससे पहले 11 मार्च को Polygon के नेटवर्क में एक अपग्रेड के बाद समस्या आई थी. Polygon ने कहा था कि इसका कारण अपग्रेड के दौरान एक बग हो सकता है. 

Polygon का नेटवर्क तीन लेयर में बना है. इनमें से प्रत्येक का अलग कार्य है. Ethereum लेयर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स से जुड़ी है, जबकि Bor लेयर ब्लॉक्स को जेनरेट करने में मदद करती है. तीसरी लेयर Heimdall है और इसी में समस्या आई थी. संदिग्ध बग से विभिन्न Heimdall वेलिडेटर्स चेन के विभिन्न वर्जन पर जा रहे थे और ग्रीनलाइट ट्रांजैक्शंस के लिए इनमें सहमति नहीं बन रही थी. यह समस्या कुछ घंटों तक रही थी और इससे बहुत से प्रोजेक्ट्स और ट्रेडर्स को मुश्किल का सामना करना पड़ा था. 

Binance को हाल ही में बहरीन के सेंट्रल बैंक ने क्रिप्टो सर्विस प्रोवाइडर का लाइसेंस दिया गया है. यह गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) में इस तरह का पहला लाइसेंस है. Binance का मानना है कि लाइसेंस और रेगुलेटरी आवश्यकताएं मजबूत एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद विरोधी फाइनेंसिंग पॉलिसी के साथ यूजर्स को सुरक्षा देंगी. यह लाइसेंस मिलने के बाद Binance की पहुंच ग्लोबल मार्केट में बढ़ गई है. इसके अलावा Binance ने पिछले वर्ष दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (DWTC) के साथ एक अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल एसेट इकोसिस्टम बनाने में मदद के लिए पार्टनरशिप की थी. क्रिप्टो सेगमेंट की निगरानी के लिए दुबई में वर्चुअल एसेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (VARA) भी बनाई गई है. यह वर्चुअल एसेट्स के प्रकार की कैटेगरी और इनकी निगरानी के लिए नियंत्रण तय करेगी. 

यह भी पढ़ें





Source link

Leave A Reply

Your email address will not be published.