रूस में कारोबार करने वाली क्रिप्टो माइनिंग फर्म पर अमेरिका ने कसा शिकंजा


पिछले वर्ष बिटकॉइन माइनिंग से प्रति माह लगभग 1.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू मिला था

खास बातें

  • बहुत से देशों ने यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं
  • रूस में क्रिप्टो माइनिंग करने वालों की बड़ी संख्या है
  • चीन ने पिछले वर्ष बिटकॉइन माइनिंग पर रोक लगा दी थी

रूस में कारोबार करने वाली क्रिप्टो माइनिंग फर्म पर अमेरिका ने लगाम लगा दी है. अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने क्रिप्टो माइनिंग फर्म BitRiver पर उसके रूस के कारोबार के कारण प्रतिबंध लगाया है. क्रिप्टो इंडस्ट्री के बड़े डेटा सेंटर सर्विस प्रोवाइडर्स में शामिल BitRiver की ओर से दुनिया भर में बिटकॉइन माइनर्स को एनर्जी सोर्सेज, माइनिंग की सुविधाएं और सॉल्यूशंस उपलब्ध कराए जाते हैं. इनमें ईस्टर्न यूरोप और रूस के माइनर्स भी शामिल हैं. 

चीन के पिछले वर्ष क्रिप्टो माइनिंग पर रोक लगाने के बाद नॉर्थ अमेरिका, ईस्टर्न यूरोप और रूस में क्रिप्टो माइनर्स की संख्या बढ़ी है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक रिपोर्ट में चेतावनी दी थी कि क्रिप्टो माइनिंग से रूस और ईरान जैसे देशों को प्रतिबंधों से बचने का रास्ता मिल सकता है. रिपोर्ट में कहा गया था कि ये देश ऐसे एनर्जी रिसोर्सेज को क्रिप्टो माइनिंग में लगा सकते हैं जिनका वे एक्सपोर्ट नहीं कर पा रहे. इसके बाद ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने यह कार्रवाई की है. रूस और यूक्रेन के बीच दो महीने से अधिक से युद्ध चल रहा है और बहुत से देशों ने यूक्रेन पर हमला करने के कारण रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. 

ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “वर्चुअल करेंसी की माइनिंग कैपेसिटी बेचने वाले बड़े सर्वर फॉर्म्स के जरिए ये फर्में रूस को उसके रिसोर्सेज का इस्तेमाल करने में मदद कर रही हैं. हालांकि, माइनिंग से जुड़ी फर्में इम्पोर्टेड कंप्यूटर इक्विपमेंट और सामान्य करेंसी में पेमेंट्स पर निर्भर हैं और इस वजह से इन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.” पिछले वर्ष बिटकॉइन माइनिंग से प्रति माह लगभग 1.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू मिला था. इसमें से लगभग 11 प्रतिशत रूस के माइनर्स को मिलने का अनुमान है.  

इस बारे में स्विट्जरलैंड की फर्म BitRiver ने कोई टिप्पणी नहीं की है. इस फर्म पर प्रतिबंध लगने का असर रूस के बाहर भी क्रिप्टो इंडस्ट्री पर पड़ सकता है. इससे दुनिया भर में बिटकॉइन माइनिंग की कंप्यूटिंग पावर घट सकती है. बिटकॉइन माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है. इस वजह से चीन सहित कुछ देशों ने क्रिप्टो माइनिंग पर रोक लगाई है. अमेरिका के टेक्सस में पिछले वर्ष बिटकॉइन माइनिंग के कारण इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई पर असर पड़ा था. इसके बाद टेक्सस के निवासियों ने क्रिप्टो माइनिंग का भारी विरोध किया था. 

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