ESPN ने की NFL स्टार Tom Brady के NFT प्लेटफॉर्म Autograph के साथ पार्टनरशिप


खास बातें

  • Autograph के कलेक्शंस का बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत एथलीट्स से जुड़ा है
  • Brady की ओर से 50 NFT को डिजिटल तरीके से साइन किया जाएगा
  • यह ESPN की पहली NFT पार्टनरशिप है

ESPN, अमेरिकी स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क, ने Tom Brady के नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) प्लेटफॉर्म Autograph के साथ डील की है. टॉम नेशनल फुटबॉल लीग (NFL) के स्टार हैं. यह डील कुछ वर्षों की होने का अनुमान है और इसकी शुरुआत Brady के NFL करियर पर बनी डॉक्युमेंटरी सीरीज से जुड़े एक कलेक्शन से हो सकती है. इस डॉक्युमेंटरी सीरीज की अपनी स्पोर्ट्स मीडिया कंपनी और ESPN ने मिलकर बनाया है.

“Man in the Arena: Tom Brady Collection” को Autograph के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा और इसकी बिक्री DraftKings डिजिटल मार्केटप्लेस पर होगी. एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कलेक्शन में Brady की उपलब्धियों पर बेस्ड तीन विभिन्न डिजाइन होंगे. उनके करियर के आगे बढ़ने से जुड़ा दूसरा कलेक्शन “Back in the Arena” सीरीज के 10वें एपिसोड के बाद आएगा. Brady की ओर से 50 NFT को डिजिटल तरीके से साइन किया जाएगा. यह ESPN की पहली NFT पार्टनरशिप है. Autograph के साथ Brady के जुड़ाव और स्पोर्ट्स मीडिया में ESPN की मौजूदगी से इसकी ब्राडिंग और मार्केटिंग में मदद मिलेगी. 

ESPN के वाइस प्रेसिडेंट Kevin Lopes ने कहा, “हम NFT की अपनी पहली पेशकश से उत्साहित हैं. इससे हमारे फैन्स को स्पोर्ट्स, टेक्नोलॉजी और कंटेंट का मिक्स मिलेगा.” Autograph के को-फाउंडर और CEO, Dillon Rosenblatt का कहना था, “Brady की डॉक्युमेंटरी सीरीज से जुड़ा कलेक्शन ESPN के साथ हमारे जुड़ाव की शुरुआत है. ESPN के पहले  NFT पार्टनर के तौर पर, स्पोर्ट्स और टेक्नोलॉजी में संभावनाओं की कमी नहीं है.”

Autograph के कलेक्शंस और प्रोजेक्ट्स का बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत एथलीट्स से जुड़ा है, जो NFT के लिए एक मजबूत लेकिन सीमित संभावना उपलब्ध कराता है. ESPN के पास स्पोर्ट्स से जुड़े कंटेंट की वॉल्यूम और दर्शकों की बड़ी संख्या तक पहुंच का  Autograph को भी फायदा मिलेगा. NFT में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से यूनीक आइटम्स के टोकन्स को ऑथेंटिकेट किया जाता है जो दोबारा प्रोड्यूस किए जा सकने वाले डिजिटल एसेट्स से जुड़े होते हैं. इनमें आर्ट, म्यूजिक, इन-गेम आइटम्स और वीडियो शामिल हो सकते हैं. इनकी ऑनलाइन ट्रेडिंग की जा सकती है लेकिन इन्हें डुप्लिकेट नहीं किया जा सकता. NFT का कारोबार बढ़ने के साथ ही इनसे जुड़े स्कैम के मामलों में भी तेजी आई है. ऐसे कुछ मामलों में NFT खरीदने वालों को भारी नुकसान हुआ है. 

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