US में Rhode Island के ग्रीन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है क्रिप्टो इंसेंटिव का तोहफा - CoinGlid.com

US में Rhode Island के ग्रीन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मिल सकता है क्रिप्टो इंसेंटिव का तोहफा


कार्बन एफिशिएंसी का प्रमाण देने वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को ग्रीन कॉइन की एक विशेष मात्रा दी जाएगी

खास बातें

  • कार्बन एमिशन घटाने वाले बिल्डर्स को “ग्रीन कॉइन” में रिवॉर्ड मिल सकता है
  • अमेरिका क्रिप्टो माइनिंग से कार्बन एमिशन को घटाने के उपाय भी कर रहा है
  • क्रिप्टो माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है

ग्लोबल वार्मिंग को कम करने के लिए अब रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को क्रिप्टो से जोड़ा जा रहा है. अमेरिका के Rhode Island में कार्बन एमिशन घटाने की कोशिशें करने वाले रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को क्रिप्टो इंसेंटिव दिए जा सकते हैं. इन प्रोजेक्ट्स के डिवेलपर्स को एक विशेष “ग्रीन कॉइन” में रिवॉर्ड मिल सकता है. इससे जुड़े एक बिल को Rhode Island के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में प्रस्तुत किया गया है. 

कार्बन एफिशिएंसी का प्रमाण देने वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को ग्रीन कॉइन की एक विशेष मात्रा दी जाएगी. यह स्पष्ट नहीं है कि इस ग्रीन कॉइन के लिए किस ब्लॉकचेन नेटवर्क को चुना जाएगा. बिल में कहा गया है, “इससे कार्बन एमिशन को घटाने के लक्ष्यों वाले हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को इंसेंटिव देने के लिए ग्रीन हाउसिंग पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप एक्ट बनेगा.” CoinTelegraph की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रपोजल के लिए डोनेशन में मिलने वाले फंड का इस्तेमाल किया जाएगा. अमेरिका के न्यू इंग्लैंड स्टेट में मौजूद Rhode Island में हाल के महीनों में हाउसिंग की डिमांड बढ़ी है. 

यह पहली बार नहीं है कि जब क्रिप्टोकरेंसीज को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के साथ जोड़ा जा रहा है. इससे पहले अमेरिका की ऑस्टिन सिटी में नए होम बायर्स को USDC और MATIC ऑल्टकॉइन्स में लोन जारी किए गए थे. इससे होम बायर्स को क्रिप्टो में डाउन पेमेंट करने का विकल्प मिला था. इस पेमेंट पर बॉरोअर को इंटरेस्ट भी दिया जाना है जिससे लोन की मूल रकम चुकाने में मदद मिल सकती है. 

क्रिप्टो माइनिंग से होने वाले कार्बन एमिशन पर भी अमेरिका में नियंत्रण करने की कोशिशें की जा रही हैं. हाल ही में न्यूयॉर्क की असेंबली ने ऐसे सभी माइनर्स को परमिट देने से इनकार कर दिया था जो माइनिंग फार्म्स के लिए नॉन-रिन्युएबल एनर्जी का इस्तेमाल करते हैं. क्रिप्टो माइनिंग में इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है और इससे कार्बन एमिशन बढ़ता है. असेंबली में प्रस्तुत किए गए बिल में यह स्पष्ट कहा गया है कि एनर्जी डिपार्टमेंट कार्बन वाले फ्यूल से जेनरेट होने वाली इलेक्ट्रिसिटी का इस्तेमाल करने वाले क्रिप्टो माइनर्स की एप्लिकेशन को स्वीकृति नहीं देगा. हालांकि, क्रिप्टो का समर्थन करने वाले अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे रूल से न्यूयॉर्क स्टेट से क्रिप्टो माइनर्स दूर हो सकते हैं. इससे क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े बहुत से लोगों के बेरोजगार होने की आशंका है. हालांकि, नया रूल केवल न्यूयॉर्क में परमिट के लिए आवेदन करने वाले नए माइनर्स पर लागू होगा. पहले से चल रहे माइनिंग फार्म्स पर इसका असर नहीं होगा. अमेरिका के टेक्सस में पिछले वर्ष क्रिप्टो माइनिंग के कारण इलेक्ट्रिसिटी की सप्लाई में रुकावट आई थी. इसका टेक्सस के लोगों ने विरोध किया था.

 

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